Osteoarthritis in Hindi | संधिवात के लक्षण, कारण, इलाज 2022

आज हम इस पोस्ट में Osteoarthritis in Hindi, संधिवात के लक्षण, संधिवात का कारण and Osteoarthritis Treatment and Precaution देखेंगे ।

संधिवात Osteoarthritis Symptoms and Treatment

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Image Source: Pixabay/ऑस्टियोआर्थराइटिस से बचाव

ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) एक disease हैं। आयुर्वेद (Ayurveda) में इस disease को संधिवात भी कहते हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) जोड़ो से जुडी हुयी एक disease हैं।

ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) में शरीर के निचे वाली हड्डियों (Bones) को सपोर्ट करने वाले कोमल ऊतक (Soft Tissue) और सुरक्षात्मक कार्टिलेज धीरे धीरे कमजोर होकर टूटने लगते हैं। कुछ समय बाद जोड़ो का लाचीलापन ख़त्म हो जाता हैं, जिसके कारण जोड़ सख्त हो जाते हैं।

जोड़ो का लाचीलापन ख़त्म होने के कारण जोड़ो में दर्द होना शुरू हो जाता हैं। जिससे चलने, बैठने, सोने जैसे सामान्य काम करने में भी लोगो को तकलीफ होने लगती हैं।

ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) को अधिकतर लोग बुढ़ापे का रोग कहते हैं, लेकिन आजकल ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) नामक यह disease युवाओ में भी देखने को मिलती हैं। आज हम आपको osteoarthritis treatment in hindi के बारे में जानकारी देंगे।


ऑस्टियोआर्थराइटिस का कारण (Causes of Osteoarthritis)

  1. अधिक तला भोजन (More fried food)
  2. मसालेदार भोजन (Spicy food)
  3. वंश-परम्परा (Heredity)
  4. पोषण की कमी (Malnutrition)
  5. मोटापा (obesity)
  6. हार्मोनल असंतुलन (Hormonal imbalance)

ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षण (Symptoms of Osteoarthritisj)

  1. जोड़ो में दर्द (Joint Pain)
  2. जोड़ो का सुजना (Joint Swelling)
  3. चलने फिरने में तकलीफ (Difficulty walking)
  4. जोड़ों की स्किन का गर्म होना (Heating of the skin of the joints)

ऑस्टियोआर्थराइटिस से बचाव के उपाय (Successfully osteoarthritis treatment)

  1. आर्थराइटिज (Osteoarthritis) को ठीक करने के लिए आपको अपने खानपान में परिवर्तन करना होगा। खाने में चोकरयुक्त आटे की रोटी, छिलके वाली मुंग दाल खानी होगी।
  2. बिना डॉक्टर की परमिशन के आर्थराइटिज (Osteoarthritis) का दर्द होने पर किसी भी प्रकार की दवाई का इस्तेमाल ना करे।
  3. आर्थराइटिज (Osteoarthritis) के कारण व्यक्ति के जोड़ो में तेज दर्द होने लगता हैं। ठंडे पानी और ठंडी हवा के कारण जोड़ो का यह दर्द अधिक बढ़ जाता हैं। इसीलिए आपको अपने आपको ठंड से बचाकर रखना चाहिए।
  4. आर्थराइटिज (Osteoarthritis) में खट्टी चीजे, मसूर की दाल, चावल और मसालेदार भोजन का सेवन ना करे।
  5. तनाव में रहने से कोई भी बीमारी बढ़ जाती हैं, इसीलिए तनाव से खुद को हमेशा दूर रखे।
  6. आर्थराइटिज (Osteoarthritis) को जल्दी ठीक करने के लिए आप योगा का सहारा ले सकते हैं। लेकिन कोई भी योगासन करने से पहले एक बार आप अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करे।
  7. आर्थराइटिज (Osteoarthritis) से छुटकारा पाने के लिए अपने खाने में गाजर, लौकी, परवल आदि ताजी सब्जियों का सेवन बढ़ाना होगा।
  8. सुबह की ताजी हवा इंसान को अनेक बीमारियों से बचाती हैं। सुबह जल्दी उठकर घूमने जाने से आपको जल्दी Osteoarthritis से छुटकारा मिल जायेगा।
  9. 8 से 10 घण्टे रोजाना सोना चाहिए। सोने के लिए सर के निचे तकिये का इस्तेमाल ना करे।
  10. बासी भोजन करना आपके लिए हानिकारण होगा, इसीलिए आपको बासी भोजन से दूर रहना होगा। Osteoarthritis ताजा भोजन करना चाहिए।
  11. जोड़ो के दर्द (Joint pain) से आराम पाने के लिए गर्म पानी से स्नान करे।
  12. आर्थराइटिज (Osteoarthritis) के कारण अगर आपके घुटनो में दर्द हो रहा हैं, तो ध्यान रहे आपको कभी भी पालथी मारकर नहीं बैठना।
  13. अधिक समय तक कुर्सी या किसी भी स्थान पर एक ही मुद्रा में ना बैठे। ऐसा करने पर आपके जोड़ जाम हो जाते हैं, और आपका जोड़ो का दर्द बढ़ जाता हैं।

ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए आयुर्वेदिक दवाये (Ayurvedic medicine for osteoarthritis)

  1. त्रिफला (Triphala) – त्रिफला (Triphala) के इस्तेमाल से सभी विषैले तत्व (Toxins) शरीर से बहार निकल जाते हैं।
  2. शालाकी (Shalaki) – शालाकी (Shalaki) के इस्तेमाल से शरीर के करीब के उत्तक मजबूत होते हैं। इससे जोड़ो में आयी सूजन भी कम हो जाती हैं।
  3. अरंडी का तेल (Castor oil) – आप खाना बनाने में Castor oil का इस्तेमाल करे। जोड़ो पर दर्द होने पर Castor oil से मालिश करने से दर्द भी कम हो जाता हैं।
  4. गुग्गुल (Guggul) – osteoarthritis में उत्तक कमजोर हो जाते हैं। उत्तको को मजबूत करने के लिए गुग्गुल (Guggul) का इस्तेमाल किया जाता हैं।
  5. अश्वगंधा (Ashwagandha) – अश्वगंधा (Ashwagandha) आपके तांत्रिक तंत्र को उत्तेजित करके आपकी बॉडी को आराम प्रदान करता हैं।
  6. अभ्यंग (Abyng) – अभ्यंग (Abyng) एक प्रकार का हर्बल तेल हैं। इस तेल की मालिश करने से रक्त का संचार सही प्रकार से होता हैं, और इसकी मालिश से उत्तक भी मजबूत होते हैं।

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Conclusion – Osteoarthritis In Hindi :

दोस्तों आज हमने आपको ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) के बारे में जानकरी दी। आपको Osteoarthritis in Hindi की हमारी ये जानकरी कैसी लगी, आप हमें जरूर बताये।

अगर आप पास Osteoarthritis के बार में अन्य कोई जानकरी है, तब आप हमें अपनी जानकारी से अवगत करा सकते हैं।


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